प्रकाशनार्थ

 *प्रेस विज्ञप्ति*

------------------ माध्यमिक शिक्षा परिषद उ प्र की पाठ्य पुस्तकों के पाठ्यक्रम में राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर जी के जीवन परिचय को शामिल करने की मांग-- डॉ पंचम राजभर-

लखनऊ -10 जुलाई 2023 - सुहेलदेव स्मृति मा प के पूर्व सम्पादक डॉ पंचम राजभर ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि  भारत सरकार द्वारा *नई शिक्षा नीति 2020* के तहत मान्य  पाठ्य पुस्तकों के पाठ्यक्रमों में देश की एकता,अखंडता,संप्रभुता,एवं संस्कृति,सभ्यता की रक्षा करने वाले उन तमाम राष्ट्रभक्त महापुरुषों,स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, राजनयिकों,आदि के राष्ट्रीय योगदान को दृष्टिगत रखते हुए देश व समाज को प्रेरणा हेतु उनके सुकृत्यों सहित जीवन वृतान्तों को शिक्षा विभाग द्वारा संचालित पाठ्यकर्मो में  मूल भावना के अतिरिक्त समय समय पर विषय परिवर्तन किया जाता रहा है ! तदनुसार अद्यतन शिक्षा नीति में अन्य सरकारी संस्थाओं के अलावा *उ प्र माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा कक्षा 9,10,11,12* के पाठ्य पुस्तकों के विषय सामग्री में राष्ट्रहित में समर्पित तमाम देशभक्तों के जीवन परिचय को शामिल किया जाना अत्यंत सराहनीय है ! परंतु कुछ महत्वपूर्ण महापुरुषों का नाम व जीवन परिचय त्रुटिवश कतिपय कारणों से  *छूट गया* है जिसे जनभावना के अनुरूप देश/समाज हित में मा शि परिषद के भी पाठ्यक्रम के विषय सामग्री में शामिल किया जाना देश की कृतज्ञता होगी !  

    डॉ राजभर ने कहा कि विश्वस्त सूत्रों द्वारा ज्ञात हुआ है कि *उ प्र माध्यमिक शिक्षा परिषद* द्वारा *नई शिक्षा नीति* के क्रम में राज्य सरकार द्वारा *समवर्ती सूची* विषयक के तहत कक्षा 9,10,11,12 के सिलेवस में लगभग *50 महापुरुषों* के जीवन परिचय को *शामिल* किया जाना निर्णीत है !   

 परंतु उन राष्ट्रभक्तों की *सूची* में एक ऐसे देशभक्त का जो 11 वीं सदी के तत्कालीन श्रावस्ती के सम्राट  राष्ट्रनायक भारशिव नागवंशी अपराजेय शूरवीर योद्धा *महाराजा सुहेलदेव राजभर* जी जिन्होंने कट्टर धर्मान्ध,जेहादी विदेशी आक्रांता तुर्क लुटेरों से देश समाज की अखंडता संप्रभुता एवं उसकी सांस्कृतिक सभ्यता एवं मानवीय धर्म/सनातन धर्म की रक्षा की ! जिन्होंने अपने *21 सहयोगी राजाओं के संघ* का *नेतृत्व* कर अदम्य पराक्रमी शूरवीरता पूर्ण साहस एवं विलक्षण युद्धनीति से लाखों विदेशी दुश्मनों का संहार कर मानवता की रक्षा की ! जिसके परिणामस्वरूप तत्समय लगभग 150 वर्षों तक किसी भी बाहरी दुश्मन ने भारत की तरफ आक्रमण करने का दुस्साहस ही नहीं किया ! ऐसे देशभक्त के वीरतापूर्ण राष्ट्रीय योगदान को कतिपय खड़यंत्र के तहत सर्वदा *उपेक्षित* ही किया जाता रहा है ! लेकिन सरकार द्वारा देश प्रेम की प्रेरणा हेतु विगत वर्षों से महाराजा सुहेलदेव राजभर जी की स्मृति में  आमजनमानस की भावनाओं के समादर में सरकारी तौर सुहेलदेव जी के नाम *डाक टिकट, ट्रेन, विश्वविद्यालय,अस्पताल का नामकरण, सरकारी आदमकद प्रतिमा,राष्ट्रीय स्मारक पर्यटक स्थल* आदि का कार्य संचालित है !इतना ही नहीं वर्तमान *मा प्रधानमंत्री जी,मा गृहमंत्री जी भारत सरकार,मा मुख्यमंत्री जी उ प्र* द्वारा विगत दिनों सार्वजनिक रूप से महाराजा सुहेलदेव राजभर जी के जीवन वृतांतों को सरकार द्वारा संचालित पुस्तकों के पाठ्यक्रमों में नवीन प्रविष्टि किये जाने की *उद्घोषणा* भी की गई ! साथ ही साथ अन्य लोगों के अलावा मेरे द्वारा *(प्रत्यावेदक डॉ पंचम राजभर)* संबंधित विभाग सहित शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार व उ प्र सरकार के संबंधित विभाग को महाराजा की जीवनी सम्मिलित किये जाने हेतु प्रामाणिक अभिलेखों सहित अनवरत प्रत्यावेदन दिया जा रहा तथा सरकार द्वारा प्रतिउत्तर में बराबर आश्वस्त भी  किया जाता रहा है, जैसा कि मेरे द्वारा दिये गए प्रत्यावेदन शिक्षा मंत्रालय व उसके अधीनस्थ  *राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली व  उ प्र* के अद्यतन पत्र -फाइल *सं 5-68 सा वि  मा शि वि/2023 दिनांक 11/01/2023* द्वारा पूर्णतः आश्वासन दिया गया है ! लेकिन उ प्र सरकार की *माध्यमिक शिक्षा परिषद* की कक्षा *9 से 12* तक पाठ्य पुस्तकों के *विषय सामग्री* में *महाराजा सुहेलदेव राजभर* जी के जीवन परिचय को *सम्मिलित न किया जाना* अत्यंत निराशाजनक एवं राष्ट्र प्रेमियों के मनोभावों के प्रति न्यायसंगत नहीं प्रतीत होता है ! परंतु यह अत्यंत गंभीर विषय है कि यदि 11 वीं सदी में तत्समय राष्ट्र नायक महाराजा सुहेलदेव जी विदेशी आतताइयों का *सामूहिक बध* नहीं किये होते तो उन विदेशी जेहादी दुश्मनों के मंसूबे से आज भारत की स्थिति की पुरातन  सांस्कृतिक सभ्यता  कल्पना की जा सकती है ! फिर भी ऐसे राष्ट्रपुरुष परम प्रतापी राष्ट्र भक्त महाराजा सुहेलदेव जी के गौरवमयी सुकार्यो की अनदेखी किया जाना उनके राष्ट्रीय योगदान के कद एवं गरिमा के प्रतिकूल है ! डॉ राजभर ने भारत व राज्य सरकारों से लिखित तौर पर विनम्र अनुरोध किया है कि 11वीं सदी के राष्ट्रनायक महाराजा सुहेलदेव राजभर जी के वीरता पूर्ण जीवन परिचय को अन्य कक्षाओं की पाठ्य पुस्तकों के अलावा उ प्र माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित कक्षा 9 से 12 तक के *पुस्तकों की विषय सामग्री* में *तात्कालिक प्रभाव* से *नवीन प्रविष्टि* किये जाने हेतु तत्संबंधित को निर्देशित करने की कृपा करें,जिससे समाज व देश उनके उच्च आदर्शों सहित जीवन संघर्षों से प्रेरणा ले सके !                                                              *डॉ पंचम राजभर*

Ex -सम्पादक, सुहेलदेव स्मृति मा प & -drprajbhar1962@gmail.com-9889506050/6393750624

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Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2020/0712909 Grievance Concerns To Name Of Complainant डॉ पंचम राजभर Date of Receipt 05/08/2020 Received By Ministry/Department Prime Minister's Office Grievance Description महत्वपूर्ण/तत्काल प्रतिष्ठामें, माननीय संस्कृति मंत्री जी भारत सरकार नई दिल्ली सन्दर्भ - संस्कृति विभाग/पुरातत्व विभाग - विषय - भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा ऐतिहासिक/सांस्कृतिक भग्नावशेष को सरकारी संरक्षण में लिए जाने के सम्बंध में महोदय, आप अवगत ही हैं कि भारतीय संस्कृति सभ्यता के ऐतिहासिक साक्ष्यों यथा किला कोट,खण्डहर, के भग्नावशेष को सुरक्षित सुव्यवस्थित रखकर आमजनमानस के स्मृति में राजकीय संरक्षण प्रदान किये जाने की बहुप्रचलित वैधानिक कार्य सुनिश्चित है जो कि अत्यंत सराहनीय है उक्त के क्रम में सादर आपके संज्ञान में अवगत कराना है कि जनपद अम्बेडकरनगर के तहसील सदर एवं नगर पालिका अम्बेडकर नगर के वार्ड सं 19 सुझौली के अधीनस्थ लोरपुर अठखम्भा जो कि एक प्राचीन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर है जिसका वर्णन तत्कालीन भारशिव नागवंशी सुझावल के भर समुदाय के शासक द्वारा निर्मित होने का उल्लेख यूनाइटेड प्रविन्सेज ऑफ अवध के प्रामाणिक गजेटियर वॉल्यूम 3 N to Z में वर्णित है तथा वर्तमान में उक्त अष्ट खंभों का ऐतिहासिक अलौकिक साक्ष्य में से कुछ खम्भे पूरी तरह टूटकर गिरने के कगार पर है जो कि स्थानीय लोगों एवं भारशिव नागवंश बंशजों के प्राचीन काल से सुसभ्य संस्कृति, सभ्यता आस्था,विश्वास शोध का केंद्र है इतना ही नहीं स्थानीय लोगों ने शासन प्रशासन से उक्त अठ खंभें के अवशेष को पुनर्मरम्मत कर बचाये जाने का काफी प्रयास किया गया लेकिन सरकार द्वारा अभी तक कोई भी समुचित कार्यवाही नहीं हुई जिससे लोगों निराशा की भावना बलवती हो रही है अतः आपसे प्रबल अनुरोध है कि वर्णित परिस्थितियों में जनभावनाओं का समादर करते हुए भारतीय पुरातत्व विभाग सारनाथ वाराणसी सर्किल द्वारा उक्त जीर्ण शीर्ण अवस्था मे पड़े टूटे हुए सामग्री की पुनर्मरम्मत कर जीर्णोद्धार करते हुए सुरक्षित,सुव्यवस्थित संरक्षित रखे जाने हेतु सक्षम प्राधिकारी को निर्दर्शित कर वस्तुस्थिति से मुझे भी अवगत कराने की कृपा करें सम्मान सहित भवदीय डॉ पंचम राजभर Ex- सम्पादक -सुहेलदेव स्मृति (मा प) पूर्व राष्ट्रीय महासचिव ,अखिल भारतीय राजभर संगठन -- आवास- कुरथुवा ,सोनहरा आज़मगढ़ उ प्र 276301 मो 9452292260/9889506050 drprajbhar1962@gmail.com Current Status Case closed Date of Action 26/08/2020 Remarks Suggestion noted. Action is being taken. Rating 2 Average Rating Remarks महोदय कृपया सारनाथ सर्किल द्वारा स्थलीय सर्वेक्षणोपरांत अद्यतन विभागीय स्तर पर कृत कार्यवाही से हमें भी अवगत कराना चाहें डॉ पंचम राजभर Officer Concerns To Officer Name V S Badiger (Director) Organisation name Archeaological Survey of India Contact Address Dharohar Bhawan24 Tilak Marg Email Address vsbadiger.asi@gov.in Contact Number 01123004570