प्रेस प्रकाशनार्थ

 Details for registration number : PMOPG/E/2019/0127588

Name Of Complainant Pancham Rajbhar

Date of Receipt 05/03/2019

Received By Ministry/Department Prime Ministers Office

Grievance Description

सेवामें, माननीय प्रधान मंत्री जी

भारत सरकार

नई दिल्ली

विषय;- भारत की ब्रिटिश बिद्रोही विमुक्त घुमंतू जनजातीय समुदाय के कल्याणार्थ एक स्थायी आयोग व मा इदाते आयोग की रिपोर्ट की अन्य शेष संस्तुतियों को तत्काल लागू किये जाने के सम्बंध में ;- महोदय ,

सादर आपके संज्ञान में अवगत कराना है ब्रिटिश भारत में देश की संस्कृति, सभ्यता, सम्प्रभुता ,व उसकी एकता, अखंडता के लिए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 में अंग्रेजी हुक़ूमत की *सशस्त्र बगावत* करने वाली *ब्रिटिश बिद्रोही* असल स्वतंत्र्याय योद्धा समुदाय अर्थात विमुक्त घुमंतू ,अर्धघुमंतू जनजातियों जो *सी टी एक्ट 1871* के तहत *जरायम पेशावर* जातियाँ के रूप में *प्रतिबंधित* रही हैं जिनकी जनसंख्या लगभग *17 करोड़* है ऐसे भारतीय लोकतंत्र में हक़, अधिकार व संवैधानिक संरक्षण विहीन *वंचित जातियों*/समुदाय को *हिस्ट्रोरिकल कंपैसेसन* के आधार पर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कन्वेंशन के प्राविधानों के तहत देश की मुख्यधारा में समाहित करने के लिए पूर्व में गठित क्रिमिनल ट्राइब्स इनक़याईरी कमेटी 1934-1947, 1949-50,काका कालेलकर आयोग 1953-55,मेहता आयोग,बी एन लाकुर 1965,संयुक्त संसदीय समिति 1967,मंडल आयोग 1978,जस्टिस ईश्वसरैया समिति, जस्टिस वेंकटचलैया आयोग ,संयुक्त संसदीय समिति 2002,रेनके आयोग 2008,राष्ट्रीय सलाहकार परिषद, राष्ट्रीय तकनीकी ग्रुप सलाहकार समिति ,एवं दादा इदाते आयोग आदि माननीय आयोग व समितियों /मा न्यायालय के सुझावों /संस्तुतियों को केंद्र सरकार को उपलब्ध होने के बाद भी यहाँ तक कि वर्तमान सरकार द्वारा *3 वर्ष* के लिए गठित मा *इदाते आयोग* जिन्होंने अपनी रिपोर्ट जनवरी 2018 में ही दे दी है परंतु 1 वर्ष से ज्यादा बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा न तो रिपोर्ट ही *अपलोड/प्रकाशित* की गई न तो *नीति आयोग* व विभिन्न *12 समितियों/आयोगों* के सुझाव के आधार पर कोई समुचित कार्यवाही नही की गई

सूच्य है कि यह तथ्य डी एन टी विशेषज्ञओं एवं मा न्यायालयों ने पहले से ही *रेखांकित* कर रहे हैं कि विमुक्त घुमंतू जातियाँ अत्यन्त पिछड़े समुदाय हैं इनकी एक *विशिष्ट पहचान* है जिन्हें किसी अन्य कैटेगरी, एस टी ,एस सी ,ओ बी सी में सम्मिलित करने से इनका हक नहीं मिल सकता है जिसे 2008 की रेनके आयोग की रिपोर्ट में बिल्कुल स्पष्ट किया गया है कि इन समुदाय के लोगों को अन्य सुविधाओं के अलावा *10%का अलग से पृथक श्रेणी में शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण* दिया जाय ,लेकिन सभी सरकारें इनकी वाजिब मांगों की अभी भी अनदेखी कर रही हैं जबकि *8 लाख सालाना* आय वाले *कमजोर सवर्ण* लोगों को *10%का आरक्षण* बगैर किसी आयोग,कमेटी,या *सर्वेक्षण की रिपोर्ट के बिना ही* आरक्षण दे दिया गया और *इदाते आयोग* एवं *नीति आयोग* की स्थायी आयोग , बोर्ड ,अलग से विभाग,की *अनुसंशा/सहमति* के बाद भी विमुक्त जातियों के लिए कुछ नहीं किया सिर्फ कागजी कोरम पूरा करने के लिए *गैर वर्गीकृत* जातियों के सर्वेक्षण व उपाय के लिए एक *बोर्ड* गठित करने की *घोषणा* किया वह भी *सीमित अधिकार* क्षेत्र निर्धारित करके जबकि रेनके आयोग व इदाते आयोग ने पूरे देश में शोधकर/सर्वेक्षण कर गैर वर्गीकृत जातिओं को *चिन्हित किया है* उत्थान के आवश्यक उपाय की संस्तुति की है तो फिर से सिर्फ उन्ही के सर्वेक्षण के लिए बोर्ड बनाने का औचित्य क्या है लेकिन डी एन टी की वे जातियाँ जो ओ बी सी में सम्मिलित हैं जिनका प्रतिनिधित्व नहीं के बराबर है उन जातियों के लिए अबतक *कुछ भी नहीं किया गया* जिससे इस समुदाय के लोग काफी निराश व हतोत्साहित हैं अतः आपसे विनम्र आग्रह है कि वर्णित परिस्थितियों में देश /समाजहित में *लोक कल्याण* के लिए सदियों से *वंचित समुदाय* के सर्वांगीण व उत्थान के लिए एस सी ,एस टी आयोग ,व राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग *की ही तरह* *स्थायी तौर* पर एक *राष्ट्रीय विमुक्त घुमंतू ,अर्धघुमन्तु जनजाति आयोग* का *गठन* तथा *मा इदाते आयोग की सिफारिशों* को *लागू* करने की कृपा करें

सम्मान सहित

भवदीय

*डॉ पंचम राजभर*

प्रमुख महासचिव

विमुक्त घुमंतू जनजाति विकास परिषद उ प्र (अ भा) -आवास : कुरथुवा ,सोनहरा ,बरदह जनपद आज़मगढ़ उ प्र 276301

Current Status Case closed

Date of Action 07/05/2019

Remarks


महोदय, अवगत कराना है कि राजनैतिक पेंशन विभाग द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके आश्रितों को तथा लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके आश्रितों को पेंशन व सम्मान राशि दिये जाने राज्य परिवहन निगम की बसों में निशुल्क् यात्रा सुविधा, राजकीय चिकित्सािलयों में नि:शुल्क चिकित्साि सुविधा एवं दिवंगत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में प्रतिमा/मूर्ति स्थापना संबंधी कार्य किया जाता है । प्रकरण में आवेदक द्वारा की गयी मांग राजनैतिक पेंशन विभाग के अधिनियमों/ शासनादेशों से आच्छा़दित न होने के कारण नियमानुसार आपकी मांगों पर विचार किया जाना सम्भव नहीं है।

Officer Concerns To

Officer Name Shri Bhaskar Pandey (Joint Secretary)

Organisation name Government of Uttar Pradesh

Contact Address Chief Minister Secretariat , Room No. 321, U.P. Secretariat, Lucknow

Email Address bhaskar.12214@gov.in

Contact Number 05222226350


Popular posts from this blog

Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2020/0712909 Grievance Concerns To Name Of Complainant डॉ पंचम राजभर Date of Receipt 05/08/2020 Received By Ministry/Department Prime Minister's Office Grievance Description महत्वपूर्ण/तत्काल प्रतिष्ठामें, माननीय संस्कृति मंत्री जी भारत सरकार नई दिल्ली सन्दर्भ - संस्कृति विभाग/पुरातत्व विभाग - विषय - भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा ऐतिहासिक/सांस्कृतिक भग्नावशेष को सरकारी संरक्षण में लिए जाने के सम्बंध में महोदय, आप अवगत ही हैं कि भारतीय संस्कृति सभ्यता के ऐतिहासिक साक्ष्यों यथा किला कोट,खण्डहर, के भग्नावशेष को सुरक्षित सुव्यवस्थित रखकर आमजनमानस के स्मृति में राजकीय संरक्षण प्रदान किये जाने की बहुप्रचलित वैधानिक कार्य सुनिश्चित है जो कि अत्यंत सराहनीय है उक्त के क्रम में सादर आपके संज्ञान में अवगत कराना है कि जनपद अम्बेडकरनगर के तहसील सदर एवं नगर पालिका अम्बेडकर नगर के वार्ड सं 19 सुझौली के अधीनस्थ लोरपुर अठखम्भा जो कि एक प्राचीन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर है जिसका वर्णन तत्कालीन भारशिव नागवंशी सुझावल के भर समुदाय के शासक द्वारा निर्मित होने का उल्लेख यूनाइटेड प्रविन्सेज ऑफ अवध के प्रामाणिक गजेटियर वॉल्यूम 3 N to Z में वर्णित है तथा वर्तमान में उक्त अष्ट खंभों का ऐतिहासिक अलौकिक साक्ष्य में से कुछ खम्भे पूरी तरह टूटकर गिरने के कगार पर है जो कि स्थानीय लोगों एवं भारशिव नागवंश बंशजों के प्राचीन काल से सुसभ्य संस्कृति, सभ्यता आस्था,विश्वास शोध का केंद्र है इतना ही नहीं स्थानीय लोगों ने शासन प्रशासन से उक्त अठ खंभें के अवशेष को पुनर्मरम्मत कर बचाये जाने का काफी प्रयास किया गया लेकिन सरकार द्वारा अभी तक कोई भी समुचित कार्यवाही नहीं हुई जिससे लोगों निराशा की भावना बलवती हो रही है अतः आपसे प्रबल अनुरोध है कि वर्णित परिस्थितियों में जनभावनाओं का समादर करते हुए भारतीय पुरातत्व विभाग सारनाथ वाराणसी सर्किल द्वारा उक्त जीर्ण शीर्ण अवस्था मे पड़े टूटे हुए सामग्री की पुनर्मरम्मत कर जीर्णोद्धार करते हुए सुरक्षित,सुव्यवस्थित संरक्षित रखे जाने हेतु सक्षम प्राधिकारी को निर्दर्शित कर वस्तुस्थिति से मुझे भी अवगत कराने की कृपा करें सम्मान सहित भवदीय डॉ पंचम राजभर Ex- सम्पादक -सुहेलदेव स्मृति (मा प) पूर्व राष्ट्रीय महासचिव ,अखिल भारतीय राजभर संगठन -- आवास- कुरथुवा ,सोनहरा आज़मगढ़ उ प्र 276301 मो 9452292260/9889506050 drprajbhar1962@gmail.com Current Status Case closed Date of Action 26/08/2020 Remarks Suggestion noted. Action is being taken. Rating 2 Average Rating Remarks महोदय कृपया सारनाथ सर्किल द्वारा स्थलीय सर्वेक्षणोपरांत अद्यतन विभागीय स्तर पर कृत कार्यवाही से हमें भी अवगत कराना चाहें डॉ पंचम राजभर Officer Concerns To Officer Name V S Badiger (Director) Organisation name Archeaological Survey of India Contact Address Dharohar Bhawan24 Tilak Marg Email Address vsbadiger.asi@gov.in Contact Number 01123004570