भारत सरकार CPGRAMS Grievance Status for registration number : *PMOPG/E/2021/0088602* Grievance Concerns To Name Of Complainant डॉ पंचम राजभर Date of Receipt 11/02/2021 Received By Ministry/Department *Prime Minister's Office* Grievance Description सेवामें , माननीय प्रधानमंत्री जी भारत सरकार नई दिल्ली *मा प्रधानमंत्री जी द्वारा उदघोषणा हेतु निवेदित* -पी एम ओ/पर्यटन मंत्रालय विषय :- दिनाँक 16 फरवरी 2021 को बसंत पंचमी/राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर जयन्ती दिवस को *चित्तौरा झील* बहराइच उ प्र को प्रस्तावित पर्यटक स्थल शिलान्यास कार्यक्रम में मा प्रधानमंत्री जी द्वारा श्रावस्ती सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर स्मारक पर्यटन स्थल नामकरण कर घोषणा किये जाने के संबंध में - महोदय , आप अवगत ही हैं कि भारत सरकार एवं उ प्र सरकार द्वारा समय समय पर *देश व मातृभूमि* की एकता,अखंडता,सम्प्रभुता,एवं उसकी संस्कृति ,सभ्यता की रक्षा करने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले उन तमाम राष्ट्रभक्त ,महापुरुषों,शासकों आदि *अमर वीर सपूतों* के देश व समाज के प्रति किये गए तमाम अनुकरणीय साहसिक सुकार्यों सहित जीवन वृतान्तों के भग्नावशेष आदि को *ऐतिहासिक* सांस्कृतिक दृष्टिकोण से आमजनमानस के प्रेरणा व उसे चिरस्थायी अविस्मरणीय स्थापना हेतु प्रशासनिक स्तर पर नामकरण कर राष्ट्रीय धरोहर/संपत्ति के रूप में उद्घोषित किया जाना अत्यन्त सराहनीय है उक्त के क्रम में सादर आपके संज्ञान में अवगत कराना है कि इसी *राष्ट्रीय स्तर* की कड़ी में 11 वी सदी में जब विदेशी दुर्दान्त आक्रांता सैयद सलार मोहम्मद ग़ाज़ी मियां का प्रादुर्भाव यहां की धन संपदा को लूटने तथा इस्लाम धर्म की स्थापना हेतु भारत भूमि पर हुआ तो पूरे देश मे धार्मिक कट्टरता इस्लाम के नाम पर शस्त्र के बल पर भारत की सुख सम्पदा लूटते,मानवीय धर्म को खंडित कर जेहाद के नाम से क्रूरता पूर्वक धर्म परिवर्तन कराते नृशंस सामूहिक हत्या कर तबाही मचाते हुए तत्कालीन देश के अन्य शासकों को परास्त कर तत्समय के श्रावस्ती राज्य के सम्राट भारशिव नागवंश के सनातन *धर्मरक्षक राजभर कुलशिरोमणि* जो कि तमाम प्रामाणिक साहित्यों/इतिहासों/अभिलेखों/साक्ष्यों के आधार पर भरतीय सामाजिक व्यवस्था के विधान वर्णाश्रम के आधार पर जातीय व्यवस्था के तहत *भर/राजभर कौम में जन्मे* राष्ट्रवीर परम देशभक्त महाराजा सुहेलदेव जी के राज्य में पहुंचा तो सम्राट सुहेलदेव जी ने अपनी अनोखी युद्धनीति से क्षेत्रीय राजाओं को एकजुट कर गठित सेना का नेतृत्व करके तुर्कों की लाखों सेना सहित सैयद सालार मसऊद गाज़ी मियां का उसके लाखों सैनिकों सहित वध कर राष्ट्रधर्म व मानवधर्म की रक्षा की परंतु ऐसे परम प्रतापी राष्ट्रवीर को उनके राष्ट्रीय कद और पराक्रमी क्षमता के अनुसार ऐतिहासिक दृष्टि से भारतीय समाज के पटल पर यथोचित स्थान न दिया जाना उनकी वीरता,शौर्य ,पराक्रम एवं देशभक्ति के समादर के प्रतिकूल है, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा ऐसे शुरवीरोंके स्मरण में सरकारी तौर पर अमर सपूतों के नाम से स्मृति कड़ी में माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा महाराजा सुहेलदेव राजभर जी जिनके सुकार्यों से आज भी सनातन धर्म का विश्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण स्थान है जिन्होंने उस समय के विदेशी कट्टर धर्मांध के बहशीपन लुटेरा से भारत के मानवीय धर्म/सनातन धर्म के समूल को इस्लामिकरण से बचाया था ऐसे उस समय के देश के दुश्मनों से किये गए युद्ध क्षेत्र की गवाह चित्तौरा झील व अन्य ध्वंशाशेषों को राष्ट्रीय पर्यटक स्थलके रूप में उद्घोषित किया जाना है सराहनीय कदम है अतः माननीय महोदय से विनम्र अनुरोध है कि चित्तौरा झील व अन्य स्मृति अवशेषों को अन्य देश व समाज के प्रति समर्पित राष्ट्रभक्तों के नाम से किये गए नामकरण की तरह यथा ,पंडित दीनदयाल उपाध्याय,पृथ्वीराज चौहान दीनबंधु गुप्ता,महर्षि बाल्मीकि,आदि जैसी प्रचलित प्रथाओं के अनुरूप 11 वी सदी में तत्कालीन श्रावस्ती के सम्राट राष्ट्रवीर सुहेलदेव राजभर जी के नाम से भी जो कि तमाम ऐतिहासिक प्रामाणिक साक्ष्यों जैसे (1)-,सेंसस ऑफ इंडिया xvi पार्ट 1 पेज 217,D C Baillie,(2)गजट ऑफ प्रविन्सेज ऑफ अवध,वॉल्यूम 2 H to M 1877 पेज 83,87 आदि में भर जाति का होना प्रमाणित है कृपया जनाकांक्षा के अनुरूप भारत मे प्रचलित सामाजिक व्यवस्था के विधान की प्रथा के अनुकूल शिलान्यास स्थल का नामकरण *राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर स्मारक पर्यटक स्थल* चित्तौरा झील बहराइच करने की कृपा करें कृपया कृत कार्यवाही से मुझे भी अवगत कराने की कृपा करें। सम्मान सहित भवदीय डॉ पंचम राजभर -Ex संपादक- सुहेलदेव स्मृति (मासिक पत्रिका) आवास -कुरथुवा ,सोनहरा आज़मगढ़ उ प्र 276301 मोबाइल 9889506050 9452292260 drprajbhar1962@gmail.com Current Status Case closed Date of Action *09/07/2021* *Remarks* अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित इस प्रकरण में अवगत कराना है कि पर्यटन विभाग में किसी भी स्थल आदि का नाम रखने या परिवर्तित किये जाने कि कोई नीति नहीं है । Rating Remarks महोदय प्रश्नगत प्रकरण में प्राप्त प्रतिउत्तर से प्रतीत होता है कि विभाग जानबूझ कर मामले को लंबित किया जा रहा है क्योंकि जब विभाग द्वारा नामकरण किया गया तो किस नीतिगत निर्णय के तहत किया गया तो नाम परिवर्तन/संशोधन का क्यों नही है कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनर्विचार कर अनुरोधनुसार नाम संशोधित करने का कष्ट करें ! डॉ पंचम राजभर Officer Concerns To Officer Name *Shri Arvind Mohan (Joint Secretary)* Organisation name Government of Uttar Pradesh Contact Address *Chief Minister Secretariat* , Room No. 321, U.P. Secretariat, Lucknow Email Address arvind.12574@gov.in Contact Number 05222226350

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Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2020/0712909 Grievance Concerns To Name Of Complainant डॉ पंचम राजभर Date of Receipt 05/08/2020 Received By Ministry/Department Prime Minister's Office Grievance Description महत्वपूर्ण/तत्काल प्रतिष्ठामें, माननीय संस्कृति मंत्री जी भारत सरकार नई दिल्ली सन्दर्भ - संस्कृति विभाग/पुरातत्व विभाग - विषय - भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा ऐतिहासिक/सांस्कृतिक भग्नावशेष को सरकारी संरक्षण में लिए जाने के सम्बंध में महोदय, आप अवगत ही हैं कि भारतीय संस्कृति सभ्यता के ऐतिहासिक साक्ष्यों यथा किला कोट,खण्डहर, के भग्नावशेष को सुरक्षित सुव्यवस्थित रखकर आमजनमानस के स्मृति में राजकीय संरक्षण प्रदान किये जाने की बहुप्रचलित वैधानिक कार्य सुनिश्चित है जो कि अत्यंत सराहनीय है उक्त के क्रम में सादर आपके संज्ञान में अवगत कराना है कि जनपद अम्बेडकरनगर के तहसील सदर एवं नगर पालिका अम्बेडकर नगर के वार्ड सं 19 सुझौली के अधीनस्थ लोरपुर अठखम्भा जो कि एक प्राचीन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर है जिसका वर्णन तत्कालीन भारशिव नागवंशी सुझावल के भर समुदाय के शासक द्वारा निर्मित होने का उल्लेख यूनाइटेड प्रविन्सेज ऑफ अवध के प्रामाणिक गजेटियर वॉल्यूम 3 N to Z में वर्णित है तथा वर्तमान में उक्त अष्ट खंभों का ऐतिहासिक अलौकिक साक्ष्य में से कुछ खम्भे पूरी तरह टूटकर गिरने के कगार पर है जो कि स्थानीय लोगों एवं भारशिव नागवंश बंशजों के प्राचीन काल से सुसभ्य संस्कृति, सभ्यता आस्था,विश्वास शोध का केंद्र है इतना ही नहीं स्थानीय लोगों ने शासन प्रशासन से उक्त अठ खंभें के अवशेष को पुनर्मरम्मत कर बचाये जाने का काफी प्रयास किया गया लेकिन सरकार द्वारा अभी तक कोई भी समुचित कार्यवाही नहीं हुई जिससे लोगों निराशा की भावना बलवती हो रही है अतः आपसे प्रबल अनुरोध है कि वर्णित परिस्थितियों में जनभावनाओं का समादर करते हुए भारतीय पुरातत्व विभाग सारनाथ वाराणसी सर्किल द्वारा उक्त जीर्ण शीर्ण अवस्था मे पड़े टूटे हुए सामग्री की पुनर्मरम्मत कर जीर्णोद्धार करते हुए सुरक्षित,सुव्यवस्थित संरक्षित रखे जाने हेतु सक्षम प्राधिकारी को निर्दर्शित कर वस्तुस्थिति से मुझे भी अवगत कराने की कृपा करें सम्मान सहित भवदीय डॉ पंचम राजभर Ex- सम्पादक -सुहेलदेव स्मृति (मा प) पूर्व राष्ट्रीय महासचिव ,अखिल भारतीय राजभर संगठन -- आवास- कुरथुवा ,सोनहरा आज़मगढ़ उ प्र 276301 मो 9452292260/9889506050 drprajbhar1962@gmail.com Current Status Case closed Date of Action 26/08/2020 Remarks Suggestion noted. Action is being taken. Rating 2 Average Rating Remarks महोदय कृपया सारनाथ सर्किल द्वारा स्थलीय सर्वेक्षणोपरांत अद्यतन विभागीय स्तर पर कृत कार्यवाही से हमें भी अवगत कराना चाहें डॉ पंचम राजभर Officer Concerns To Officer Name V S Badiger (Director) Organisation name Archeaological Survey of India Contact Address Dharohar Bhawan24 Tilak Marg Email Address vsbadiger.asi@gov.in Contact Number 01123004570